My first travel-2 queen of hills


प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।


नमस्कार मित्रो
में राजकुमार बघेल और जैसा कि आप जानते हो में एक प्रोफेशनल ट्रैवलर हूं और टैवल से जुडे हुए अपने अनुभव ब्लाग के माध्यम से आप लोगों से सेयर करता हूँ 

पिछला भाग:-

और जैसा की आप लोगों ने पहले ब्लाग में पढ़ा था कि कैसे हमारी यात्रा हरिद्वार ऋषिकेश स होते हुए नीलकंठ महादेव के दर्शन करके वापिस होटल तक पहुंच चुके थे अगले दिन मसुरी जाने के लिए तैयार थे अब आगे।


आईए जानते हैं। हमारी आगे की यात्रा कैसी रही और हम कहां कहां घूमे।:-


प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Beautiful mountain in rishikesh


प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Lal tibba Mussoorie
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Beautiful mountain with forest
अगले दिन सुबह जल्दी से तैयार होकर होटल से निकले बाहर ही बस स्टैंड था हमने बस का पता किया तो बस नौ बजे की थी तो हमने तब तक नास्ता करने का प्लान बनाया और थोडी दूर एक रेस्टोरेंट में चले गए हमने आराम से नास्ता किया यहाँ पर हर तरह के सस्ते और महंगे रेस्टोरेंट और होटल मिल जाते हैं इसलिए बजट की ज्यादा दिक्कत नहीं होती।

 नौ बजे से पहले ही हम लोग बस स्टैंड पहुंच गए और नौ बजकर पांच मिनट पर हमारी बस भी आ गई और हम बस में बैठ गए और पांच मिनट बाद ही हमारी बस चल दी हम सभी बहुत ही खुश थे हो भी क्यों नहीं हमने सुना था कि मसुरी को पहाडों की रानी कहते हैं तो कुछ तो खास होगा ही और मसुरी का रास्ता भी बहुत ही रोमांचक है बस यही सोचकर हम लोग बहुत ही रोमांचित थे।

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Beautiful mountain in way  toof rishikesh Dehradun

 मसुरी जाने के लिए हमे पहले देहरादून पहुंचता था। जिसके लिए हम निकल चुके थे। ऋषिकेश से देहरादून का रास्ता राजाजी नेशनल पार्क से होकर गुजरता है। जो काफ़ी सुंदर है रोड के दोनों तरफ अल्पाईन के ऊंचे ऊंचे पेड और गहरा जंगल और भीनी भीनी खुशबु ने तन मन को तरोताजा कर दिया और नागिन के जैसे टेढे मेरे रास्ते ने तो रोमांच को और भी बढ़ा दिया बहुत अधिक ऊंचाई होने के कारण अब हम मसूरी को भी साफ साफ देख पा रहे थे।

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Mussoorie

 मसूरी की ऊंचाई को देखकर हमें डर भी लग रहा था और रोमांच भी बढ रहा था क्योंकि इतनी ऊंचाई पर हम पहली बार जा रहे थे। अब हमारी बस भी देहरादून की सीमा में प्रवेश कर चुकी थी और सफर में कब डेढ घण्टा निकल गया पता ही नहीं चला अब तक हमारी बस देहरादून बसस्टैंड पहुंच चुकी थी।



देहरादून:-


 अब हमें मसूरी के लिए बस पकडनी थी जब हमने बस का पता किया तो पता चला कि बस का टाइम साढ़े ग्यारह बजे का था और ग्यारह बज चुके थे और सीजन टाइम होने की वजह से लाईन बहुत लम्बी थी तो हमे साढ़े ग्यारह बजे की बस की टिकट नहीं मिल पाई अगली बस दोपहर के डेढ बजे की थी तो हमने टिकट लिया और सोचा की अभी तो बस आने में टाइम है तो कुछ पेटपूजा कर ली जाए
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Sahastradhara Dehradun

 क्योंकि लंच का टाइम भी हो चुका था और बाहर बहुत से रेस्टोरेंट और होटल थे जिसमे सस्ते भी थे और महंगे भी थे हमने मीडियम सा होटल देखकर खाना खाया खाना भी ठीक था फिर हम वापिस बस स्टैंड आ गए और लोगों से मसूरी के बारे में कुछ पूछताछ करने लगे की मसूरी में कहाँ कहाँ घूमना चाहिए



क्योंकि हम सभी पहली बार मसूरी जा रहे थे इस पूछताछ का हमें काफी फायदा भी हुआ और सबसे बडा फायदा ये हुआ कि हमें बस का इंतजार करना भारी नही पड़ा इतने में हमारी बस भी आ गई हमने टिकट तो पहले ही ले ली थी तो हम सीधे बस में जाकर बैठ गए

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Mussoorie entry Dehradun

 हमारे पास पांच में से तीन सीट विंडो सीट थी तो हमने तय किया कि हम बारी बारी से विंडो सीट पर बैठेंगे जिससे सभी सफर का मजा ले सकें और जल्दी ही हमारी बस थी अपने गंतव्य की ओर चल दी इस सफर के लिए हम सभी बहुत ही एक्साईटेड थे।



 दस मिनट चलने के बाद हमारी बस जैसे ही चढ़ाई के नजदीक पहुंची तो पहाड की ऊंचाई और हरियाली को देखकर मन प्रसन्न हो गया और जब बस ने चढ़ाई शुरू की तो मन में अजीब सा रोमांच भी शुरु हो गया और जब रास्ता देखा तो पता चला की मसूरी को पहाडों को राजी क्यों कहते हैं इतना खतरनाक रास्ता शायद हमने सोचा भी नहीं था

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Mussoorie valley Dehradun

 सारे रास्ते में हमारी सांस अटकी हुई थी एक तरफ तो ऊंचे पहाड और दूसरी तरफ गहरी खाई और ऊंचे ऊंचे पेड और जैसे जैसे हम ऊपर चढ रहे थे ऐसा लग रहा था की हम बादलों में पहुंच चुके हैं और मौसम तो जैसे सर्दियों का शुरु हो गया हो हर तरफ कोहरा छा रहा था।



 ऐसा लग रहा था जैसे हम दूसरी ही दुनिया में आ गए हों अब हमारे मन में डर की जगह अलग तरह का मजा घुस गया था ऐसा अनुभव लाईफ में कभी नहीं हुआ था। हम जैसे जैसे ऊपर जा रहे थे ऐसा लग रहा था जैसे हम बादलों में तैर रहे हैं और बादलों को चीर कर ऊपर उड रहे हैं

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Beautiful mountain with clouds

 अब हम अपने सफर को इंजोय कर रहे थे और मौसम का आनन्द ले रहे थे अब हम ऊपर मसूरी पहुंच चुके थे हम बस से नीचे उतरे तो हमें सर्दी का एहसास होने लगा क्योंकि हम लोग ठहरे दिल्ली के पास के और अगस्त के महिने में तो दिल्ली में गर्मी भी अपने चरम पर होती है तो अगर हमें ऐसा ठंडा मौसम मिल जाए तो क्या कहने



पहाडों की रानी मसूरी:- 


 अब हमें प्लान के मुताबिक अब हमें केम्प्टी फॉल जाना था सो हम रुकने के लिए होटल ढूंढने लगे में आपको बता दूं कि मसूरी में सभी तरह के होटल मिल जाते हैं लो बजट में और हाई बजट में भी बस थोडा ढूंडने की जरूरत है और हाँ बारगेनिंग जरूर करें हमें भी सस्ता और अच्छा होटल मिल गया जिसमें खाने की सुविधा भी थी

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Queen of hills Mussoorie

 अगर आप चाहो तो अपनी सुविधा के अनुसार बाहर भी खाने जा सकते हो। खैर हमने अपने बैग रूम में रखे और कपडे बदले और अच्छी बात ये रही की हमें गाड़ी भी होटल से ही मिल गई क्योंकि केम्पटी फॉल सिटी से थोड़ी दूरी पर था सो हम गाड़ी में बैठे और निकल लिए केम्पटी फॉल के लिए। ये रास्ता भी बहुत ही खूबसूरत था हमने गाड़ी को बीच बीच में रोका और सुंदर नजारों का आनन्द लिया और फिर हम कैम्पटी फॉल पर पहुंच गए



कैम्पटी फॉल:-


और जब वहां का नजारा देखा तो मजा आ गया क्योंकि हमने पहली बार कोई झरना देखा था। पानी की कल कल करती आवाज ने सभी कामन मोह लिया झरने का पानी प्राकृतिक साफ सुथरा और ठंडा था फिर हम सभी झसे के नीचे नहाये और खूब मस्ती की।

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Campty fall Mussoorie

 वहां पर हस्तशिल्प की एक मार्केट भी है। और कुछ फास्टफूड की दुकानें भी हैं फिर हम थोड़ा मार्केट में घुमें और थोड़ा फास्टपूड भी खाया फिर सभी अपनी गाड़ी में बैठकर वापिस होटल में आ गए। फिर अगली सुबह सभी ने देहरादून की बस पकडी और देहरादून रेलवे स्टेशन पर आ गए।


 और दिल्ली के लिए अपनी हेन पकड़ी ट्रेन में सारे रास्ते हम बस मसूरी की ही बात कर रहे थे। करें भी क्यों ना क्योंकि हमें समझ में आ चुका था की मसूरी को पहाडों की रानी क्यों कहते हैं।

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Natural waterfall Campty fall

 वापिस जाने का दिल तो नहीं कर रहा था परंतु हमारे एक साथी की तबीयत खराब हो गई थी तो हमें अपना टूर यहीं पर समाप्त करना पड़ा मसूरी में घुमने के लिए तो बहुत सी जगह हैं जहाँ पर हम नहीं जा सके। परंतु हम कभी ना मिटने वाली यादें समेंट कर अपने साथ लेकर जा रहे थे।

 मेरे मन में तो अजीब सा नशा छाया हुआ था। और मैने अपने आप से वादा किया कि मैं वापिस जरूर आऊंगा। जब से अब तक कई बार में मसूरी आ चुका हूँ और हर बार एक अलग ही अनुभव किया है नई जगह देखी हैं अब तो मैंने मसूरी की हर एक गली देखी है। अब तो मसूरी अपने घर जैसा लगने लगा है। मसूरी के ऊपर भी एक ब्लाग जल्दी ही लिखूंगा.


कैसे जाएं :-


ट्रैन मार्ग :-

हरिद्वार ऋषिकेश और देहरादून के लिए भारत के सभी स्टेशनों से नियमित ट्रैन मिल जाती हैं।

हवाई मार्ग:-

देहरादून का जॉली ग्रांट हवाई अड्डा सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है। जहां से देश के सभी हवाई अड्डों से नियमित अंतराल पर हवाई उड़ानें हैं। फिर देहरादून से आप बस टेक्सी या कैब के द्वारा आप हरिद्वार ऋषिकेश या मसूरी कहीं भी जा सकते हैं।

सडक मार्ग :-

 आप सडक मार्ग से भी जा सकते हैं। आई एस बी टी दिल्ली से हरिद्वार ऋषिकेश और देहरादून के लिए हर समय सरकारी और प्राइवेट बसें उपलब्ध हैं।
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English translation:-


Rich in natural beauty.  Hence Mussoorie is called the queen of the hills.


Hello friends

 I am Rajkumar Baghel and as you know I am a professional traveler and I am seeing you through my experience blog related to travel.


Last section:-


And as you had already read in the blog, how our journey Haridwar, after Rishikesh, had reached Neelkanth Mahadev and returned to the hotel and was ready to go to Mussoorie the next day.

 Let's know.  How was our journey ahead and where did we travel : -


 The next day, the bus stand was ready early in the morning and got out of the hotel. We found the bus, then the bus was at nine o'clock, so we planned to have breakfast by then and went to a restaurant a little distance, we had a relaxed breakfast here.  All kinds of cheap and expensive restaurants and hotels are available, so there is not much problem of budget.


प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
George everest Mussoorie


 Before nine o'clock we reached the bus stand and at nine o'clock five minutes our bus also came and we sat in the bus and after five minutes our bus started, we were all very happy even though we had not heard  If we call Mussoorie the queen of the hills, then something must be special and the way of Mussoorie is also very exciting, just thinking that we were very thrilled.

 We used to reach Dehradun first to go to Mussoorie.  For which we had left.  The road from Rishikesh to Dehradun passes through Rajaji National Park.
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Beautiful road rishikesh to Dehradun

  Which is quite beautiful on both sides of the road, the tall trees of Alpine and the deep forest and the lite smell fragrance refreshes the mind and my path like a serpent has increased the adventure even more due to the high altitude.  Was able to see Mussoorie also clearly.


 Seeing the height of Mussoorie, we felt scared and the thrill was also increasing because we were going for the first time at such a height.  Now our bus had also entered the border of Dehradun and it was not known when one and a half hours left in the journey, our bus had reached the Dehradun bus stand.

 Dehradun:-


 Now we had to catch the bus for Mussoorie when we found the bus, it came to know that the time of the bus was half past eleven o'clock and it was eleven o'clock and due to the season time, the line was very long, so we got the bus at eleven o'clock.

 The next bus was not available for the ticket, it was half past two in the afternoon, so we took the ticket and thought that if there is time for the bus to come, then we should get some petitions.

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Beautiful mountain George everest

 Because it was time for lunch and there were many restaurants and hotels outside, which were cheap and expensive too. We ate food after seeing the medium hotel, then it was okay to eat. Then we came back to the bus stand and asked people about Mussoorie.  He started inquiring about where to roam in Mussoorie.

 Because we were all going to Mussoorie for the first time, we also benefited greatly from this inquiry and the biggest benefit was that we did not have to wait for the bus so much that our bus also came, we had already taken the ticket, so we will be straight  He sat in the bus.

 We had three of the five seats in the window seat, so we decided that we would sit on the window seat in turn so that everyone could enjoy the journey and soon we had our bus to our destination. For this journey we all were very  Were excised.
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 After ten minutes of walking, as soon as our bus came close to the climb, the mind was happy to see the height and greenery of the mountain and when the bus started climbing, a strange adventure started in the mind and when I saw the path, I found that  Why do we call Mussoorie the hills, we had not imagined such a dangerous path.

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Beautiful mountain

 Our breath was stuck all the way, on one side there was a high mountain and on the other side there was a deep ditch and high trees and as we were climbing up, it seemed that we had reached the clouds and the weather started as winter.  There was fog everywhere.

 It seemed as if we had come to another world, now a different kind of fun had entered our mind instead of fear, this experience had never happened in life.  As we were going up it seemed like we are floating in the clouds and ripping up the clouds.

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Mussoorie lake

 Now we were enjoying our journey and we were enjoying the weather, now we had reached Mussoorie, when we got down from the bus, we started feeling cold because we stayed near Delhi and in the month of August, Delhi  Summer is also at its peak, so what to say if we get such cold weather.

 Queen of hills Mussoorie:-

 Now according to the plan, now we had to go to the Campty Falls so we started looking for hotels to stop, let me tell you that all kinds of hotels are found in Mussoorie, there is a need to find a little in the budget and also in the high budget and yes bargaining.  Of course we also got a cheap and good hotel which also had food facilities.

प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
George everest

 If you want, you can also go to eat outside as per your convenience. Well we kept our bags in the room and changed the clothes and the good thing is that we got the car from the hotel itself as Kempti was a short distance from Fall City, so we sat in the car and left for Campty Falls. This road was also very beautiful, we stopped the car midway and enjoyed the beautiful views and then we reached the Campty Falls.

 Campty Falls: -

 And when I saw the view, it was fun because we saw a waterfall for the first time.  The sound of water yesterday attracted everyone, the water of the waterfall was Natural clean and cold, then we all bathed under the stress and had a lot of fun.
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Campty fall

  There is also a market for handicrafts. There are also some fast food shops, then we walked into the market and ate some fast poods, then everyone came back to the hotel sitting in their car. Then the next morning everyone caught a bus to Dehradun and came to Dehradun railway station.

 And we were talking about Mussoorie all the way in our Hen caught train for Delhi.  Why not also, because we had understood why Mussoorie is called the queen of the hills. I was not willing to go back, but one of our companions was ill, so we had to end our tour here, there are many places to visit in Mussoorie where we could not go.
प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। इसलिए मसूरी को पहाडों की रानी कहते हैं।
Mall road Mussoorie

  But we were taking it with us after collecting the never-ending memories. There was a strange intoxication in my mind. And I promised myself that I will definitely come back. Since now, Mussoorie has come in many times and I have experienced a different place every time. I have seen every street of Mussoorie now.  Now Mussoorie is starting to look like its home.  I will write a blog soon on Mussoorie as well.


 How to go :-

 Train route: -

 Regular trains are available from all the stations of India to Haridwar Rishikesh and Dehradun.


 Air shaft:-

 The nearest airport is the Jolly Grant Airport of Dehradun. From where all the airports of the country have air flights at regular intervals. Then from Dehradun, you can go to Haridwar Rishikesh or Mussoorie anywhere just by taxi or cab.

 By Road: -
 You can also go by road. Government and private buses are available from ISBT Delhi to Haridwar Rishikesh and Dehradun at all times.

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